एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए क्या जरूरी है। हिंदी में
अच्छी जिंदगी होती क्या है।
हमेशा खुशी की भावना ना किसी से ईर्ष्या द्वेष की भावना एक दूसरे की सहायता की भावना एक दूसरे को खुश रख कर अच्छे कर्मों को करके जो एक खुशी मिलती है उस खुशी को हम एक अच्छी वाली जिंदगी का सकते हैं।
अच्छी जिंदगी एक सुनहरी जिंदगी हर किसी को मोहताज नहीं होती वह सिर्फ उस व्यक्ति को मोहताज होती है जो व्यक्ति कठिन परिश्रम करके अपने जीवन में आगे बढ़ता है। आजकल के लोगों का एक अच्छी जिंदगी का अर्थ सिर्फ यह रह गया है कि लोगों के पास अत्यधिक पैसे अत्याधुनिक गाड़ियां एक अच्छे कपड़े अच्छे घर इस तरह के विचार से जी रहे हैं। लोगों को यह समझने में काफी कठिनाई हो रही है कि हम जिसे अच्छे बोल रहे हैं और किसे खराब है इस चीज का अंतर हम नहीं निकाल पा रहे हैं। आजकल के लोगों की मानसिकता में काफी कमी आई है जोकि भारतवर्ष नहीं पूरे ब्रह्मांड के लिए यह एक घातक साबित हो सकता है क्योंकि प्रत्येक मनुष्य का विचार आजकल सिर्फ और सिर्फ ऐसो आराम की जिंदगी रह गई है, चाह कर भी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं क्योंकि आजकल जातिवाद काला गोरा भेदभाव काफी आम बात है। आजकल के लोग एक दूसरे को हीन भावना से देखते हैं इसका मुख्य कारण यह है कि लोगों की सोच में लोगों की मानसिकता में जमे इस गंदगी। हम लोगों ने ऐसा काफी चीजों को देखा है। आज हम लोग एक दूसरे को ना तरक्की देख सकते हैं ना उसके मेहनत को देखते हैं और ना ही उसके आगे बढ़ते देख उसके बढ़ते भविष्य को देखते हैं। हम सिर्फ और सिर्फ लोगों की अत्याधुनिक सुविधा पैसे इत्यादि चीजों को देखकर उसका अंदाजा लगा लेते हैं।
तो एक अच्छी जिंदगी एक खुशहाल जिंदगी जीने के लिए हम मानव जाति को क्या करनी चाहिए।
आइए हम आपको कुछ ऐसे तरीके को बताते हैं जिससे कि आप जल्दी से अच्छे तो नहीं किंतु धीरे धीरे अपने आप को बेहतर साबित कर पाएंगे।
हम सबसे पहले इस चीज को समझते हैं की जिंदगी जीने के लिए हमें पर्याप्त किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है। वह चीज अत्यधिक होना जरूरी नहींं किंतु पर्याप्त होना जरूरी है। हम पूरे ब्रह्मांड में हम मानव जाति भले ही आज अलग जाति अलग संप्रदाय अलग भाषाओं से बिल्कुल ही अलग हो चुके हैं। किंतु आज से हजारों वर्ष पहले हम एक थे, लोगों को समझना चाहिए कि सिर्फ एक देश एक समाज एक जाति एक भाषा को अलग हो जाने से हम अलग नहीं हैं। ऐसा क्या है जिससे लोग चाह कर भी नहीं छोड़ पा रहे हैं और एक दूसरे को गले नहीं लगा रहे हैं। हमें इस चीज को समझनी चाहिए। इसके कई कारण हो सकते हैं।
सबसे बड़े कारणों में कुछ इस प्रकार हैं......
01 बढ़ती हुई बेरोजगारी:-
बढ़ती हुई बेरोजगारी से लोग ना सिर्फ परेशान है लोगों को अपने जीवन यापन करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है आज के इस आधुनिक काल में लोगों के अंदर टैलेंट तो है। किंतु उस टैलेंट को उभारने के लिए हमारे पास कोई एक प्लेटफार्म नहीं है काफी सीमित हो चुका है। कुछ गिने-चुने लोग को ही अपने जीवन यापन करने का मौका मिल रहा है। यह एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है।
03. लोगों के अंदर एक अच्छी मानसिकता की कमी।
लोग आजकल अपनी तरक्की पर ध्यान ना देकर अपनी मेहनत पर ध्यान ना दे कर एक दूसरे की टांग खींचने में लगे हुए हैं, आज किसका टांग खींचे कल उसका परसों किसी और का लोगों को यह समझना काफी जरूरी है इस पृथ्वी पर सभी लोगों की आवश्यकता लगभग समान होती है, बस लोग या तो किसी से अत्यधिक पाना चाहते हैं अत्यधिक सुख सुविधा चाहते हैं इस चीज को हमें समझना चाहिए क्योंकि हमारे पास साधन सीमित हैं और हम सभी भाई चारे के समान इस धरती पर पैदा हुए थे किंतु आज हम सब बस कुछ ऐसो आराम की जिंदगी की वजह से एक दूसरे से जलन की भावना इष्या द्वेष की भावना चीजों से बाहर निकलना चाहिए।
04. बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण
इस पूरे ब्रह्मांड में हमारे पास सुख सुविधा हमारे जीने के कुछ साधन सब सीमित हैं किंतु जनसंख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है की लोग लोगों को दाने-दाने का मुमताज हो रहा है आज की बढ़ती हुई महंगाई को लेकर लोग जर्जर भटक रहे हैं तो यह एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है हमें इस चीज को भी समझना बहुत जरूरी है|
05. बेहतर स्वास्थ्य का ना होना
लोग आज लोग पैसा तो कमा लेते हैं किंतु उन पैसों को भोगने के लिए उनके पास एक अच्छा स्वास्थ्य नहीं होता है। इसलिए यह जरूरी है कि हम धन दौलत कमाने के साथ-साथ अपनी एक अच्छी स्वास्थ का भी ध्यान रखें ताकि हम एक अच्छे खुशहाल जिंदगी जी सकते हैं मनुष्य आज की इस बिजी दुनिया में इतना बिजी हो चुका है कि अपने दिनचर्या में 1 घंटे का समय नहीं निकाल सकता है। तो हमें इस चीज पर ध्यान देना चाहिए दिन के जितना कम से कम टाइम मिले उसमें अपने स्वास्थ्य को एक बेहतर मजबूती देने का काम करें।
धन्यवाद मैं आपका दोस्त "प्रियांशु सिंहा" बस आज के लिए इतना ही मिलते हैं किसी अगले खूबसूरत से आट्किल मैं तब तक के लिए आप सभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और एक खुशहाल जिंदगी जीने का प्रयास करें एक दूसरे को सहयोग करें और खुद पर भी उतना ही ध्यान रखें जिससे हम खुद भी बदलेंगे और आने वाले पीढ़ी को भी बदल सकेंगे आने वाले समाज को भी बदल सकेंगे क्योंकि सब कुछ पैसा धन दौलत ही नहीं होता कुछ एक दूसरे का प्यार होता है इस चीज से भी जिंदगी जिया जा सकता है।
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